तारातला हादसे में पूर्व मेयर फिरहाद एवं दो पार्षदों के नाम शिकायत दर्ज; मरने वालों की संख्या हुई 17
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 मई को निर्धारित की है
कोलकाता। महानगर कोलकाता के तिलजला थाना क्षेत्र के तपसिया इलाके में अवैध निर्माण को गिराने की कार्रवाई पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की जाएगी। मामले की सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की पीठ में हुई। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 मई को निर्धारित की है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने टिप्पणी की कि शहर में अवैध निर्माण को लेकर अदालत के पूर्व निर्देशों के बावजूद पिछली सरकार की ओर से “निष्क्रियता” देखी गई थी। अदालत ने कहा कि किसी भी निर्माण को कानून का पालन किए बिना नहीं तोड़ा जा सकता और सभी कार्रवाई विधिसम्मत तरीके से ही करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि, मंगलवार काे तपसिया स्थित एक बहुमंजिली इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रही चमड़ा फैक्ट्री में आग लग गई थी। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हाे गए थे, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा हैं।
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि तिलजला की उक्त इमारत अवैध रूप से निर्मित थी, उसका कोई स्वीकृत भवन नक्शा नहीं था और वहां गैरकानूनी तरीके से फैक्ट्री चलाई जा रही थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के कुछ घंटों के भीतर ही इलाके में बुलडोजर पहुंचा और उसे गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
ध्वस्तीकरण के खिलाफ इमारत के निवासियों ने नाराजगी जताई थी। इमारत के कुछ हिस्सों को तोड़ भी दिया गया था, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि फिलहाल इमारत को गिराने की कार्रवाई पर रोक रहेगी। साथ ही निर्देश दिया गया कि उक्त परिसर में किसी प्रकार का व्यवसाय नहीं किया जाएगा और कोई भी व्यक्ति वहां निवास नहीं कर सकेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी किसी निवासी को पुनर्वास नहीं दिया जाएगा और पहले से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी नहीं की जा सकेगी।
फिलहाल, हाई कोर्ट ने पूरे क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।